अजीब दास्ताँ होती है "दोस्ती" की ,
लड़ना मिलने से भी अच्छा लगता है ..
लड़ के मानाने वाले भी होते है ,
किसी को चिढाना अच्छा लगता है ..
दोस्त के मुंह से कुछ सुनने के लिए ,
कभी झुक जाना अच्छा लगता है ..
सफ़र ट्रेन का हो या ज़िन्दग i का ,
ख़तम नहीं बाते फिर भी खामोश रह कर
मुस्कुराना अच्छा लगता है …
दोस्तों में ही लगता है मिल गई पूरी दुनिया ,
बाक़ी सब भूल जाना अच्छा लगता है ,
दोस्तों तुम हमेशा साथ रहना
लड़ना मिलने से भी अच्छा लगता है ..
लड़ के मानाने वाले भी होते है ,
किसी को चिढाना अच्छा लगता है ..
दोस्त के मुंह से कुछ सुनने के लिए ,
कभी झुक जाना अच्छा लगता है ..
सफ़र ट्रेन का हो या ज़िन्दग i का ,
ख़तम नहीं बाते फिर भी खामोश रह कर
मुस्कुराना अच्छा लगता है …
दोस्तों में ही लगता है मिल गई पूरी दुनिया ,
बाक़ी सब भूल जाना अच्छा लगता है ,
दोस्तों तुम हमेशा साथ रहना
तुम्हारा याराना अच्छा लगता है ..
--- We are just friends na ?????
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