साँसे तो चल रही थी मगर ज़िन्दगी न थी ,
एक शमा जल रही थी मगर रौशनी ना थी ,
तुम मिले तो जैसे नई ज़िन्दगी मिली ,
जो शमा बुझ रही थी उसे रौशनी मिली .
इसी रौशनी के सहारे ज़िन्दगी बितानी है ,
सांसों की डोर जब तक टूट ना जाएँ
हर लम्हे को तेरी यादों से सजानी है .
एक शमा जल रही थी मगर रौशनी ना थी ,
तुम मिले तो जैसे नई ज़िन्दगी मिली ,
जो शमा बुझ रही थी उसे रौशनी मिली .
इसी रौशनी के सहारे ज़िन्दगी बितानी है ,
सांसों की डोर जब तक टूट ना जाएँ
हर लम्हे को तेरी यादों से सजानी है .
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